कुछ प्रेम कहानियाँ बहुत शोर करती हैं। उनमें बड़े-बड़े डायलॉग, dramatic twists और रोमांस के लंबे-लंबे सीन होते हैं। लेकिन Once Again (2018) ऐसी फिल्म नहीं है। यह उन रिश्तों की कहानी है जो धीरे-धीरे बनते हैं और जिनके लिए शब्दों से ज्यादा एक-दूसरे की मौजूदगी मायने रखती है।
यह फिल्म खास तौर पर अकेलेपन, companionship, उम्र के एक पड़ाव पर फिर से किसी के करीब आने की इच्छा और समाज की सोच को बेहद शांत अंदाज में सामने रखती है। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह अपने किरदारों को जरूरत से ज्यादा explain नहीं करती। दर्शक खुद उनके एहसास को समझता है।
कहानी
मुंबई में रहने वाला अमर (नीरज काबी) एक जाना-पहचाना फिल्म अभिनेता है। लोगों के बीच रहने के बावजूद उसकी निजी जिंदगी में एक खालीपन है। काम और पहचान ने उसे बहुत कुछ दिया है, लेकिन emotional connection की कमी उसके जीवन में साफ दिखाई देती है।
दूसरी तरफ तारा (शेफाली शाह) एक विधवा महिला है, जो अपना छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाती है। उसके लिए जिंदगी जिम्मेदारियों और रोजमर्रा के कामों के बीच आगे बढ़ रही है। तारा अमर के घर खाना भेजती है और इसी सिलसिले में दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू होती है।
दिलचस्प बात यह है कि काफी समय तक दोनों एक-दूसरे से मिले बिना ही बात करते रहते हैं।
शुरुआत में उनकी बातचीत बिल्कुल सामान्य लगती है, लेकिन समय के साथ इन फोन कॉल्स में एक अपनापन आने लगता है। दोनों अपने दिन, अपनी पसंद और जिंदगी के छोटे-छोटे हिस्से एक-दूसरे से साझा करने लगते हैं। बिना किसी बड़े ऐलान के एक ऐसा रिश्ता बनने लगता है जिसे आसानी से सिर्फ दोस्ती या सिर्फ प्यार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
फिर अमर तारा से मिलने का फैसला करता है।
यहीं से फिल्म रिश्ते को एक नए स्तर पर ले जाती है। हालांकि फिल्म इस मुलाकात को किसी typical Bollywood romance की तरह पेश नहीं करती। यहां attraction है, झिझक है, उम्र का एहसास है और सबसे बढ़कर यह सवाल है कि क्या जिंदगी के इस पड़ाव पर इंसान को दोबारा किसी के साथ की जरूरत महसूस करने का पूरा अधिकार है?
शेफाली शाह और नीरज काबी की एक्टिंग
Once Again की सबसे मजबूत कड़ी इसके दोनों मुख्य कलाकार हैं।
शेफाली शाह ने तारा के किरदार को बहुत सहजता से निभाया है। उनके अभिनय में unnecessary drama नहीं है। उनके चेहरे के expressions और खासकर उनकी आँखें कई बार वह बात कह देती हैं जिसे फिल्म में शब्दों की जरूरत ही नहीं पड़ती।
तारा एक ऐसी महिला है जो अपनी जिंदगी को संभालते हुए आगे बढ़ रही है, लेकिन उसके भीतर भी companionship की इच्छा है। शेफाली इस भावना को बहुत natural तरीके से स्क्रीन पर लेकर आती हैं।
नीरज काबी का अमर भी काफी restrained character है। वह एक ऐसा आदमी दिखाई देता है जिसने जिंदगी में सफलता तो हासिल की है, लेकिन निजी तौर पर कहीं न कहीं अकेला रह गया है। उनका शांत व्यवहार और बोलने का तरीका किरदार को believable बनाता है।
सबसे अच्छी बात दोनों कलाकारों की chemistry है। इनके बीच का रिश्ता फिल्मी रोमांस की तरह अचानक शुरू नहीं होता। धीरे-धीरे बनने वाला connection ही इसे ज्यादा real महसूस कराता है।
फिल्म का Presentation
अगर आप fast-paced फिल्मों के शौकीन हैं तो Once Again आपको थोड़ी slow लग सकती है। लेकिन यही इसका storytelling style भी है।
फिल्म में बहुत ज्यादा dialogue या dramatic घटनाएँ नहीं हैं। कई बार एक छोटी-सी बातचीत, किसी कमरे की खामोशी, खाना तैयार करने का दृश्य या रात में मुंबई की सड़कें ही कहानी को आगे बढ़ाती हैं।
मुंबई को भी फिल्म ने सिर्फ एक location की तरह इस्तेमाल नहीं किया है। शहर की रातें, खाली सड़कें और घर के भीतर का शांत माहौल कहानी के अकेलेपन को और मजबूत करते हैं।
खाने से जुड़े scenes भी फिल्म की atmosphere में एक अलग warmth जोड़ते हैं। तारा का खाना बनाना सिर्फ उसका काम नहीं लगता, बल्कि उसके व्यक्तित्व का हिस्सा महसूस होता है।
Music और Technical Side
फिल्म का संगीत और background score कहानी के mood के साथ अच्छी तरह चलता है। Talvin Singh का संगीत फिल्म को एक soft और contemplative feel देता है।
यहां music का इस्तेमाल emotions को जबरदस्ती बढ़ाने के लिए नहीं किया गया। बल्कि कई जगह यह कहानी के silence का हिस्सा बन जाता है।
फिल्म की cinematography भी इसके mood को समझने में मदद करती है। रोशनी, रात के दृश्य और indoor locations मिलकर एक intimate atmosphere बनाते हैं।
क्या फिल्म देखने लायक है?
मेरे हिसाब से Once Again उन लोगों के लिए है जो फिल्मों में सिर्फ romance नहीं, बल्कि रिश्तों की emotional complexity देखना पसंद करते हैं।
यह फिल्म यह बताने की कोशिश नहीं करती कि प्यार की कोई निश्चित उम्र होती है। इसके बजाय यह दिखाती है कि इंसान किसी भी उम्र में companionship और emotional connection की जरूरत महसूस कर सकता है।
फिल्म की रफ्तार धीमी है और इसमें conventional entertainment बहुत कम है। इसलिए अगर आपको action, comedy या लगातार twists वाली फिल्में पसंद हैं तो यह आपके लिए नहीं हो सकती।
लेकिन अगर आपको slow-burn romance, mature relationships और character-driven storytelling पसंद है, तो इसे मौका दिया जा सकता है।
मेरा Verdict
Once Again एक शांत और संवेदनशील फिल्म है, जो प्यार को किसी grand romantic fantasy की तरह नहीं बल्कि जिंदगी के एक छोटे-से emotional connection की तरह देखती है।
शेफाली शाह और नीरज काबी की शानदार performances, मुंबई का atmospheric presentation और फिल्म की mature storytelling इसे देखने लायक बनाती है। Read more
Rating: ⭐⭐⭐⭐/5
किसके लिए देखें: Mature romance, slow cinema और emotional relationship stories पसंद करने वालों के लिए।
OTT: Netflix पर उपलब्ध।